Tuesday, January 15, 2019

ये 'टिक-टॉक' क्या है जिसके पीछे पागल हुए जा रहे हैं लोग

बैकग्राउंड में दीपिका पादुकोण की आवाज़ में 'ओम शांति ओम' फ़िल्म का ये डायलॉग सुनाई पड़ता है और सामने एक आम लड़की का चेहरा दिखता है. लड़की अपनी उंगलियां माथे की ओर ले जाती है और भावुक आंखों से डायलॉग की तर्ज पर अपने होंठ हिलाती है.

दूसरा सीन

स्कूल ड्रेस पहने दो लड़के 'दीवार' फ़िल्म के डायलॉग की नकल करने की कोशिश करते हैं... 'मेरे पास आज गाड़ी है, बंगला है. तुम्हारे पास क्या है?' ये सब इतना मज़ेदार होता है कि देखते ही हंसी छूटती है.

टिक-टॉक' एक सोशल मीडिया ऐप्लिकेशन है जिसके जरिए स्मार्टफ़ोन यूज़र छोटे-छोटे वीडियो (15 सेकेंड तक के) बना और शेयर कर सकते हैं.

'बाइट डान्स' इसके स्वामित्व वाली कंपनी है जिसने चीन में सितंबर, 2016 में 'टिक-टॉक' लॉन्च किया था. साल 2018 में 'टिक-टॉक' की लोकप्रियता बहुत तेज़ी से बढ़ी और अक्टूबर 2018 में ये अमरीका में सबसे ज़्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बन गया.

प्ले स्टोर पर टिक-टॉक को परिभाषित कहते हुए लिखा गया है :

टिक-टॉक मोबाइल से छोटे-छोटे वीडियो बनाने का कोई साधारण ज़रिया नहीं है. इसमें कोई बनावटीपन नहीं है, ये रियल है और इसकी कोई सीमाएं नहीं हैं. चाहे आप सुबह 7:45 बजे ब्रश कर रहे हों या नाश्ता बना रहे हों-आप जो भी कर रहे हों ,जहां भी हों, टिक-टॉक पर आइए और 15 सेकेंड में दुनिया को अपनी कहानी बताइए.

टिक-टॉक के साथ आपकी ज़िंदगी और मज़ेदार हो जाती है. आप ज़िंदगी का हर पल जीते हैं और हर वक़्त कुछ नया तलाशते हैं. आप अपने वीडियो को स्पेशल इफ़ेक्ट फ़िल्टर, ब्यूटी इफ़ेक्ट, मज़ेदार इमोजी स्टिकर और म्यूज़िक के साथ एक नया रंग दे सकते हैं.

भारत में टिक-टॉक के डाउनलोड का आंकड़ा 100 मिलियन के ज़्यादा है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इसे हर महीने लगभग 20 मिलियन भारतीय इस्तेमाल करते हैं.

भारतीयों में टिक-टॉक की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि आठ मिलियन लोगों ने गूगल प्ले स्टोर पर इसका रिव्यू किया है.

दिलचस्प बात ये है कि 'टिक-टॉक' इस्तेमाल करने वालों में एक बड़ी संख्या गांवों और छोटे शहरों के लोगों की है. इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि टिक-टॉक की दीवानगी सात-आठ साल की उम्र के छोटे-छोटे बच्चों के तक के सिर चढ़कर बोल रही है.

इतना ही नहीं, अब ये पसंद किया जाने लगा है कि श्रद्धा कपूर , टाइगर श्रॉफ़ और नेहा कक्कड़ जैसे बॉलीवुड सितारे भी टिक-टॉक पर आ चुके हैं.

टिक-टॉक से वीडियो बनाते वक़्त आप अपनी आवाज़ का इस्तेमाल नहीं कर सकते. आपको 'लिप-सिंक' करना होता है.
जहां फ़ेसबुक और ट्विटर पर 'ब्लू टिक' पाने यानी अपना अकाउंट वेरिफ़ाई कराने के लिए आम लोगों को ख़ासी मशक्कत करनी पड़ती है वहीं, टिक-टॉक पर वेरिफ़ाइड अकाउंट वाले यूजर्स की संख्या बहुत बड़ी है. और हां, इसमें 'ब्लू टिक' नहीं बल्कि 'ऑरेंज टिक' मिलता है.
जिन लोगों को 'ऑरेंज टिक' मिलता है उनके अकाउंट में 'पॉपुलर क्रिएटर' लिखा दिखाई पड़ता है. साथ ही अकाउंट देखने से ये भी पता चलता है कि यूजर को कितने 'दिल' (Hearts) मिले हैं, यानी अब तक कितने लोगों ने उसके वीडियो पसंद किए हैं.

टिक-टॉक के कुछ फ़ायदे भी हैं. ख़ासकर गांव और छोटे शहरों के लिए ये एक अच्छा प्लेटफ़ॉर्म बनकर उभरा है.

कई लोग इसके ज़रिए अपने शौक़ पूरे कर रहे हैं. मसलन अगर कोई अच्छी कॉमेडी करता है या अच्छा डांस करता है तो उसके लिए टिक-टॉक अपनी प्रतिभा को दिखाने का अच्छा मंच है.

इतना ही नहीं, बहुत से लोग इसके ज़रिए पैसे भी कमा रहे हैं. हरियाणा के रहने वाले साहिल के टिक-टॉक पर 3,0,3200 फ़ालोअर हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि अपने वीडियो के ज़रिए हर महीने 3,000-5,000 रुपये तक मिल जाते हैं. साहिल चाहते हैं उनका अकाउंट वेरिफ़ाई हो जाए और उनके फ़ॉलोअर्स 10 लाख तक पहुंच जाएं.

बिहार के उमेश अब तक वीगो ऐप पर अपनी कॉमेडी के वीडियो पोस्ट करते हैं. उन्हें इसके ज़रिए हर महीने लगभग 5-10,000 रुपये तक की आमदनी हो जाती है.

बीबीसी से बातचीत में उमेश ने बताया, "मेरे जैसे ग़रीब इंसान के लिए 10,000 रुपये बहुत मायने रखते हैं. अब मैं टिक-टॉक आज़माने की भी सोच रहा हूं."

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